कार्य एवं दायित्व (Functions & Duties)

बोर्ड का मुख्य कार्य खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास हेतु योजनाओं का निर्माण, संगठन एवं क्रियान्वयन करना है। उपरोक्त प्रावधानों की व्यापकता को प्रभावित किए बिना, बोर्ड आवश्यकता अनुसार निम्नलिखित कार्य कर सकता है:-

• खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास को बढ़ावा देना, प्रोत्साहित करना एवं सहायता प्रदान करना तथा इन उद्योगों के उत्पादों के व्यापार एवं विपणन को संचालित करना।

• खादी एवं ग्रामोद्योग से पेशेवर रूप से जुड़े व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराना।

• खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े व्यक्तियों, सहकारी समितियों एवं संस्थानों को ऋण प्रदान करना।

• खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में सहकारी समितियों की स्थापना को प्रोत्साहित करना।

• प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से आवश्यक कौशल एवं ज्ञान प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।

• खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास के लिए आवश्यक उपकरणों एवं औजारों का निर्माण करना तथा उनकी एवं कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

• प्रचार-प्रसार करना तथा स्टोर, दुकानें, एम्पोरियम एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों के विपणन की व्यवस्था करना।

• खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की गुणवत्ता एवं विपणन क्षमता में सुधार हेतु अनुसंधान को प्रोत्साहित करना एवं संचालित करना।

• निर्धारित व्यक्तियों एवं संस्थानों से खादी एवं ग्रामोद्योग संबंधी आँकड़े एकत्रित करना तथा उन्हें प्रकाशित करना।

• अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित अन्य कार्यों का निष्पादन करना।

इस अधिनियम के अंतर्गत अपने कार्यों के निर्वहन में बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य है। उपरोक्त कार्यों के संचालन हेतु बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास के लिए योजनागत निधि (ऋण एवं अनुदान) हेतु KVIC पर निर्भर रहता है, जबकि प्रशासनिक व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

उपरोक्त दायित्वों के प्रभावी संचालन हेतु बोर्ड मुख्य रूप से निम्नलिखित गतिविधियाँ संचालित करता है:-
• विकास कार्य (Development)
• व्यापार एवं विपणन (Trading/Marketing)