मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का संदेश
हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (HPKVIB) ग्रामीण उद्यमिता एवं सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बोर्ड पारंपरिक उद्योगों एवं स्थानीय कारीगरों को सहयोग प्रदान कर ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। बोर्ड वित्तीय सहायता, कौशल विकास, विपणन सहयोग एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराकर खादी एवं ग्रामोद्योगों के विकास को प्रोत्साहित करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देकर HPKVIB राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प एवं सतत जीवन शैली की समृद्ध विरासत को भी संरक्षित कर रहा है।
बोर्ड प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करता है, ताकि स्थानीय उद्यमियों को सफलता प्राप्त करने हेतु आवश्यक संसाधन एवं अवसर उपलब्ध हो सकें। हम हिमाचल प्रदेश के सभी व्यक्तियों, कारीगरों एवं उद्यमियों से आग्रह करते हैं कि वे HPKVIB द्वारा संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठाएँ तथा मजबूत एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में अपना योगदान दें।
महात्मा गांधी की खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रति सोच
“खादी स्वराज की आत्मा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।”
महात्मा गांधी ने खादी को केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, श्रम की गरिमा एवं ग्रामीण सशक्तिकरण के सशक्त प्रतीक के रूप में देखा। उनके लिए चरखा एक शांतिपूर्ण क्रांति का माध्यम था, जो लोगों को सार्थक कार्य के माध्यम से जोड़ते हुए आर्थिक स्वतंत्रता की ओर अग्रसर करता है।
“गरीब व्यक्ति द्वारा काता गया प्रत्येक धागा आर्थिक न्याय की ओर एक कदम है।”
“ग्रामोद्योग पिछड़े नहीं हैं, बल्कि वास्तविक भारत की रीढ़ हैं।”
गांधीजी का मानना था कि स्थानीय हस्तशिल्प एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर शोषण की व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है तथा ग्रामीण जीवन में सम्मान एवं आत्मगौरव को पुनर्स्थापित किया जा सकता है। खादी एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से उन्होंने एक ऐसे भारत की कल्पना की, जो सादगी, आत्मबल एवं समानता पर आधारित हो।
जब हम इस विरासत को आगे बढ़ाते हैं, तब हम केवल एक वस्त्र का नहीं, बल्कि आशा, परिश्रम एवं सामंजस्य से जुड़े एक जनआंदोलन का सम्मान करते हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ अथवा अपने निकटतम खादी एवं ग्रामोद्योग कार्यालय से संपर्क करें।
सादर,
डॉ. जितेंद्र कुमार (HPAS)
मुख्य कार्यकारी अधिकारी
हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, शिमला
