खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) तथा भारत सरकार ने राज्य सरकार को खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की स्थापना के लिए प्रेरित किया, ताकि विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास हेतु KVIC से अनुदान एवं ऋण प्राप्त किए जा सकें, जबकि प्रशासनिक व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाए।
इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का गठन हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अधिनियम, 1966 के अंतर्गत किया गया। यह एक वैधानिक संस्था है, जो 8 जनवरी, 1968 को अस्तित्व में आई। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खादी एवं ग्रामोद्योग के विकास हेतु योजनाओं का निर्माण, संगठन एवं क्रियान्वयन करना है।
स्थापना के बाद से बोर्ड निम्नलिखित उद्देश्यों एवं दायित्वों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है:-
- “सामाजिक उद्देश्य” के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराना।
- “आर्थिक उद्देश्य” के अंतर्गत विक्रय योग्य उत्पादों का उत्पादन करना।
- “व्यापक उद्देश्य” के अंतर्गत लोगों में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना तथा ग्रामीण समुदाय में मजबूत सामाजिक एकता एवं सहयोग की भावना का निर्माण करना।
