हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (HPKVIB) ग्रामीण कारीगरों को पारंपरिक बुनाई एवं हस्तशिल्प कार्यों के लिए कच्ची ऊन की प्रोसेसिंग में सहायता प्रदान करने हेतु विभिन्न जनजातीय एवं गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 14 ऊन कार्डिंग प्लांट संचालित करता है।
ये इकाइयाँ ऊन की सफाई, उलझन दूर करने तथा उसे हैंडलूम एवं लघु उद्योगों में आगे उपयोग के लिए तैयार करने में आवश्यक सहायता प्रदान करती हैं।
| स्थान | जिला | क्षेत्र का प्रकार |
|---|---|---|
| पूह | किन्नौर | जनजातीय |
| कटगांव | किन्नौर | जनजातीय |
| भावानगर | किन्नौर | जनजातीय |
| सांगला | किन्नौर | जनजातीय |
| उदयपुर | लाहौल एवं स्पीति | जनजातीय |
| काजा | लाहौल एवं स्पीति | जनजातीय |
| होली | चंबा | जनजातीय |
| लाहल | चंबा | निर्माणाधीन |
| किलाड़ | चंबा | जनजातीय |
| जुब्बल | शिमला | गैर-जनजातीय |
| जिओरी | शिमला | गैर-जनजातीय |
| पपरोला | कांगड़ा | गैर-जनजातीय |
लाभ
- ऊन उत्पादों की गुणवत्ता एवं बाजार मूल्य में सुधार
- जनजातीय कारीगरों एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को समर्थन
- प्रोसेसिंग शुल्क के माध्यम से आय सृजन
सहायता के लिए अपने जिला विकास अधिकारी से संपर्क करें या संपर्क पृष्ठ (Contact Page) पर जाएँ।
